Lakhimpur Student Union Election
बात तब की है जब यह अजनबी शहर धीरे धीरे अपना सा हो रहा था । धड़कनों में बसता था , वाई डी कालेज और राजगढ़ मुहल्ला । डाक से भेजी जाने वाली चिट्ठियों में जयदेवनगर भी दर्ज होता था । यह नाम वाई डी कालेज के पहले यशस्वी प्रिन्सिपल के नाम पर पड़ा था । हम कालेज गेट से बाहर दूसरी गली में तिवारी जी के मकान में पहली मंज़िल पर रहते थे । इन्हें हम बाबूजी कहते थे। वाई डी कालेज में एक कहावत गहरे से ...