राजा साहब युवराजदत्त सिंह
हमारे युवराजदत्त महाविद्यालय के लिए आज का दिन बहुत ख़ास होता है। 31 जुलाई । महाविद्यालय के संस्थापक ,ओयल व कैमहरा स्टेट के राजा आदरणीय युवराजदत्त सिंह की जयंती आज ही है। आज़ादी के बाद 1949 ई० में उन्होंने इस क्षेत्र के लिए उच्च शिक्षा का सपना देखा। अब की बात और है किंतु 70 साल पहले जब ना तो इतने संसाधन थे ना ही विद्यालय और ना ही शिक्षा के प्रति जागरूकता , युवराज दत्त महाविद्यालय इस जनपद ही नहीं अपितु इस क्षेत्र के कई जिलों के लिए शिक्षा की रोशनी ले के आया। कहते हैं लखनऊ और बरेली के बीच में खुला यह पहला उच्च शिक्षण संस्थान था। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए ये महाविद्यालय अभी भी पहली पसंद है। उनके जन्मदिन पर लोग अपने अपने संस्मरण सुनाते हैं और राजा साहब के उदार व्यक्तित्व की चर्चा अवश्य करते हैं। ये बात दीगर है कि हमें उन्हें देखने का सौभाग्य नहीं मिला किंतु लोगों से सुने गए संस्मरण के बीच से जो तस्वीर ज़ेहन में उतरती है उससे सहज ही राजा साहब के प्रति सम्मान का भाव आ जाता है. एक दो सुने हुए संस्मरण आपके लिए- देश की आज़ादी के बाद महाविद्यालय नया नय...