जाम के बहाने
लखनऊ में जब दिल्ली और मुम्बई नजर आया।वो दिन था
20 जून २०१७। व्यक्तिगत कार्यवश लखनऊ जाना हुआ। लखनऊ टेढ़ी पुलिया पहुचते पहुचते लगा आज आना ठीक नहीं था। जगह जगह बॉस बल्ली लगाने के लिए सड़के खोदी जा रही थी। मौका था अपने प्रधान्मन्त्री की अगवानी का । योग दिवस हेतु।
बहरहाल दिन भर के काम निपट गए शाम 7 बजे इंदिरानगर से निकले तो पॉलिटेक्निक चौराहे होते हुए 10 बजे तक आई आई एम रोड तक पहुच पाये।
20 जून २०१७। व्यक्तिगत कार्यवश लखनऊ जाना हुआ। लखनऊ टेढ़ी पुलिया पहुचते पहुचते लगा आज आना ठीक नहीं था। जगह जगह बॉस बल्ली लगाने के लिए सड़के खोदी जा रही थी। मौका था अपने प्रधान्मन्त्री की अगवानी का । योग दिवस हेतु।
बहरहाल दिन भर के काम निपट गए शाम 7 बजे इंदिरानगर से निकले तो पॉलिटेक्निक चौराहे होते हुए 10 बजे तक आई आई एम रोड तक पहुच पाये।
एक बात समझ आई । घर से निकलने के पहले दिशाशूल का विचार कभी किया ही नहीं। पर यह तय किया की अब से न्यूज़ जरूर देख लेनी है कि कोई VVIP तो शहर में नहीं आ रहा।
२२ जून २०१७
२२ जून २०१७
Comments
Post a Comment