उच्च शिक्षा का एक नमूना


ये  घटना  एक  डिग्री  कॉलेज  की  है . एक दो साल पहले की, जहाँ नक़ल नहीं होती
बी॰ए॰ में पलिटिकल साइंस का पेपर था. घंटी बजने के साथ ही कक्ष निरीक्षक ने  फटाफट पेपर बाँट दिया . एक पेपर  अतिरिक्त बच रहा था . वो उलझन में था ,कैसे ये ज़्यादा है . अटेंडेंस मिला लिया,बच्चों से एक दो बार पूछ भी लिया सबको पेपर मिल गयाहमेशा गिने गिनाए रहते हैंफिर सोचा  शायद  ग़लती से गया हो.
 सोचते हुए परीक्षार्थियों की कॉपी पे साइन करने लगा. अचानक  क्या देखा  कि एक लड़की जो पोलिटिकली  साइंस का पेपर देने आयी थी , वनस्पतिविज्ञान का पेपर हल कर रही है. झट से कॉपी पलटा देखा दो पेज लिखा भी जा चुका है.पढ़िए  पहली लाइन क्या लिखा था--
ब्रायोफाइटा अठारहवीं शताब्दी के महान चिंतक थे...”

 पेपर बदला गया . वनस्पति विज्ञान की जगह बचा हुआ वो  राजनीति विज्ञान का पेपर दिया गया. बिना किसी प्रतिक्रिया के वो लड़की अपने  बदले हुए  पेपर के उत्तर लिखने लगी

मामला ये समझ आया कि चाहे जैसा प्रश्न हो, पेपर हो,कोई दिक़्क़त नहींउत्तर हम वही लिखेंगे जो लिखना चाहते हैं

पूरे सेंटर के टीचर्स ने माथा ठोंक लिया.
दर असल हुआ क्या था  कि पिछली मीटिंग की  वनस्पति विज्ञान की परीक्षा का  एक पेपर लिफ़ाफ़े में  चिपका रह गया था.जो  जल्दबाज़ी में बँट गया.

#सत्यकथा



Comments

  1. बड़ी परेशानी है !!
    नक़ल के लिए भी थोड़ा अक़्ल की ज़रूरत होती है , हमारे समय में भी दो तीन उदाहरण बहुत मज़ेदार थे कि जैसे एक बच्चे ने किताब से देख कर ये लिखा “बच्चों जैसा कि तुम पिछले कक्षाओ में पढ़ चुके हों ।” एक ने लिखा था “कृपया बाएँ तरफ़ बने चित्र संख्या ४.५ देखो “
    लेकिन सबसे अद्भुत व भयंकर उदाहरण आज भी ज़ेहन में वही आता है जब Maths के परीक्षा के दिन चाचाजी ने एक छात्र से पूछा कि क्या बेटा तैयारी तो किये हो ना अच्छी ?? तो उसका जवाब था हाँ चाचाजी भाषा भास्कर रखे हई ।।।
    जो भी हो इससे यही लगता है कि नक़ल भी बहुत आसान नही होता ,
    बहरहाल शिक्षा में अभी बहुत सुधार की आवश्यकता है , पेपर लीक के मामले में बच्चे तो दोषी नही है,अभी ३ दिन पहले मेरी एक भतीजी जो १०वी की परीक्षा दे रही थी यहाँ दिल्ली में बहुत ही निराश थी कि पहली बार उसे लगा उसका १०० % मार्क्स आएगा ख़ूब ख़ुश थी पर शाम तक पता चला कि maths का पेपर लीक होने की वजह से Cancel हो गया अब ये पेपर जुलाई में होगा ,बेचारी छुट्टियों में उलझी रहेगी, उसका ११ वी का क्लास १६ April से शुरू हो रहा है ।।
    सभी जगह सुधार की आवश्यकता है ।।

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    1. वाह वाह । तुम तो लिक्खाड हो गए। । आराम से पढ़ते हैं। हम इसको फ़ेस्बुक पर डालेंगे आज तुम्हारे नाम के साथ

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