आइना
मेरा आइना मुझसे कहता है
तेरे जैसा कोई ना
तेरे जैसा कोई ना
रूखे चाँदी जैसे बालों से
कभी उदास दिन और रातों से,
कभी समन्दर भरी आँखों से,
मेरा आइना कहता है
थोड़ा मुस्कुराओ ना
कभी उदास दिन और रातों से,
कभी समन्दर भरी आँखों से,
मेरा आइना कहता है
थोड़ा मुस्कुराओ ना
काजल बिंदिया लाली नथिया
कुछ भी पहनूँ
उससे ही पूछती हूँ
कैसी दिखती हूँ?
वो भी मुँह देखी नहीं बोलता.
कहता है.
ना ना
आज थोड़ी छोटी बिंदिया
आज बड़ी
बिलकुल लाल
पूर्णिमा के चंद्रमा जैसी गोल
आज सितारों वाली
आज नज़र न लगे
एक
काला टीका लगाओ ना.
कुछ भी पहनूँ
उससे ही पूछती हूँ
कैसी दिखती हूँ?
वो भी मुँह देखी नहीं बोलता.
कहता है.
ना ना
आज थोड़ी छोटी बिंदिया
आज बड़ी
बिलकुल लाल
पूर्णिमा के चंद्रमा जैसी गोल
आज सितारों वाली
आज नज़र न लगे
एक
काला टीका लगाओ ना.
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