बालगीत “गौरैया”


चिड़िया रानी आओ ना
दाना पानी खाओ ना
मिट्टी के एक बड़े कसोरे
डाल के रखा ठंडा पानी
साँवा कोंदों काकुन दाना
खा के फिर उड़ जाओ ना
चींचीं च्युँ च्युँ करती रहती
फुदक फुदक कर दाना चुनती
अपने गीत सुनाओ ना
चिड़िया रानी आओ ना
कोठा अँटारी खिड़की बंगला
अलगनी झूला झूल रही
तितली के संग
आँख मिचौली
तुम भी बरबस खेल रही
आओ आओ आओ ना
चिड़िया रानी आओ ना
नूतन
20/03/2019

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